इस तरह हुआ Facebook का डेटा लीक, यहां जानिए पूरी कहानी
फेसबुक का ये डेटा पर्सनालिटी क्विज एप के लिए लिया गया था, जिसे बाद में कैंब्रिज एनालिटिका को दे दिया गया।
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फेसबुक डेटा लीक का मामला बढ़ गया है। इस मामले में फेसबुक (Facebook) के सीईओ मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने एक पोस्ट लिखकर लोगों से इस डेटा लीक के माफी मांगी और कहा कि यह फेसबुक की जिम्मेदारी है कि वह अपने यूजर्स के डेटा को सुरक्षित रखे। उन्होंने कहा कि अगर कोई वेबसाइट या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूजर्स का डेटा सुरक्षित रखने में नाकाम होती है, तो उसे सेवा देने का भी कोई अधिकार नहीं है।
बता दें कि कैंब्रिज एनालिटिका पर फेसबुक के 5 करोड़ यूजर का डेटा बिना अनुमति के इस्तेमाल करने का आरोप है। मामला बढ़ने के बाद कैंब्रिज एनालिटिका (Cambridge Analytica) ने मंगलवार को अपने चीफ एक्जीक्यूटिव अलेक्जेंडर निक्स को सस्पेंड कर दिया है। कैंब्रिज एनालिटिका वहीं कंपनी है जो अमेरिकी राष्ट्रपति पद के 2016 चुनाव के दौरान डोनाल्ड ट्रंप की कैंपेनिंग कर रही थी
(How To Leak Facebook Data) कैसे लीक हुआ डेटा
फेसबुक के मुताबिक वास्तव में डेटा कैंब्रिज के लेक्चरर अलेक्संड्र कोगान (Aleksandr Kogan) ने पर्सनालिटी क्विज एप के लिए लिया था। उन्होंने कानूनी तौर पर ये डेटा लिया था, लेकिन बाद में उन्होंने नियमों को तोड़ दिया और कैंब्रिज एनालिटिका को ये डेटा दे दिया। इस बात की जानकारी फेसबुक को साल 2015 में ही लग गई थी, लेकिन फेसबुक ने इसकी जानकारी यूजर्स को नहीं दी। बल्कि कंपनी ने इस मामले में लिप्त सभी पार्टियों से यूजर्स का डेटा डिलीट करने की बात कही। लेकिन अब जो रिपोर्ट सामने आ रही है, उसके मुताबिक सारा डेटा डिलीट नहीं किया गया।
जुकरबर्ग ने बताया कि कोगान का एप लगभग 3 लाख लोगों के डाउनलोड किया था। उन्होंने कोगान को अपने दोस्तों तक के डेटा का एक्सेस दिया, जिससे लगभग 1 करोड़ लोगों का डेटा उनके पास पहुंच गया। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ये आकंड़ा लगभग 5 करोड़ लोगों के डेटा का है। जुकरबर्ग ने कहा कि इससे कोगान, कैब्रिज एनालिटिका और फेसबुक के बीच का भरोसा टूटा है। लेकिन इससे फेसबुक और उसके यूजर्स के बीच का भी भरोसा टूटा है।
ऐसे हुआ खुलासा (Revealing such happened)
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटिश न्यूज चैनल 'चैनल 4' की ओर से जारी वीडियो में कैंब्रिज एनालिटिका के सीईओ अलेक्जेंडर निक्स एक होटल बार में बैठे नजर आ रहे हैं और एक क्लाइंट को सलाह दे रहे हैं, जो उनके पास विदेशी चुनाव में मदद के लिए पहुंचा है। निक्स उसे सलाह देते हैं कि कंपनी चुनाव से पहले विपक्ष उम्मीदवार के पास एक खूबसूरत महिला को भेजती है और उनका वीडियो टेप कर लेती है। या फिर हम किसी अमीर लैंड डेवलपर को भेजते हैं, जो उन्हें पैसे ऑफर करता है। उन्होंने कहा कि हमारे पास ऐसी कई जानकारियां हैं।
क्या कैंब्रिज एनालिटिका ने कोगान को पैसे दिए
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस डेटा के लिए कैंब्रिज एनालिटिका ने कोगान को 8 लाख डॉलर लगभग 5,20,28,000 रुपए दिए। इसके साथ ही कंपनी ने कोगान को उनकी रिसर्च की एक कॉपी भी रखने दी।
क्या होता है यूजर्स के डेटा के साथ (What Have Do With Facebook Users Data) फेसबुक के लीक हुए डेटा का इस्तेमाल कैंब्रिज एनालिटिका ने वोटरों तक पहुंचने के लिए किया। उन्होंने वोटरों की पसंद नापसंद के आधार पर उन्हें हाइपर टार्गेटेड मैसेज भेजे। जिसमें उन्होंने फेसबुक व अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया। बहुत सी कंपनियां इन डेटा के आधार पर साइकोलॉजिकल प्रोफाइल तैयार करते हैं, जो चुनाव प्रचार के दौरान वोटर को टार्गेट करने में इस्तेमाल की जाती है। कैंब्रिज एनालिटिका ने साल 2016 में अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव के दौरान डोनाल्ड ट्रंप के लिए कैंपेनिंग की थी।
ऐसे बच सकते हैं यूजर (How Can Be i Save)
जब भी आप किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना अकाउंट बनाते हैं तो आपको टर्म एंड कंडीशन पर एग्री करना होता। लेकिन ज्यादातर लोग इसे पढ़े बिना ही 'I agree' बटन पर क्लिक कर देते हैं। अपना डेटा लीक न हो इसके लिए टर्म एंड कंडीशन को पूरी तरह से पढ़ें। किसी भी एप, वेबसाइट को परमिशन देने से पहले ये जरूर पढ़ लें कि आपको डेटा कहां इस्तेमाल होगा।
डेटा लीक का मामला ब्रिटेन और अमेरिका तक ही सीमित नहीं है। बल्कि दुनिया के कई देशों के यूजर का डेटा लीक हुआ है।
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भारत में हुआ ऐसा मामला तो क्या करेगी सरकार
बड़ा सवाल ये है कि अगर भारत में भी ऐसा कोई डेटा लीक होता है, तो हमारी सरकार क्या कदम उठाएगी। इस मुद्दे पर इंडस लॉ फर्म की प्रिंसिपल एसोसिएट नमिता विश्वनाथ ने टाइम्स नाउ हिंदी से बातचीत की। उन्होंने बताया कि डेटा लीक का मामला केवल यूएस या ब्रिटेन तक ही नहीं सीमित है। हो सकता है भारतीय यूजर्स का भी बहुत सा डेटा लीक हुआ हो, लेकिन हमें इस बात की जानकारी नहीं है। हालांकि भारत सरकार ऐसी किसी स्थिति में आईटी एक्ट (IT Act 2000) के तहत जिम्मेदार कंपनी पर कार्रवाई कर सकती है।
जल्द आ सकता है नया नियम
सोशल मीडिया को लेकर सरकार जल्द ही नया नियम ला सकती है। पिछले साल नवंबर-दिसंबर में एक प्रपोजल तैयार किया गया था, जिस पर सरकार विचार कर रही है। जिसमें कई नई चीजें मिल सकती हैं। टर्म एंड कंडीशन को लेकर कुछ नया बदलाव हो सकता है। इसे यूजर पर थोपा नहीं जा सकता है। वहीं नए एक्स में सिक्योरिटी पर ज्यादा फोकस होगा। यदि यूजर अपना अकाउंट डिसकंटिन्यू करता है तो वेबसाइट पर मौजूद यूजर का सारा डेटा डिलीट होना चाहिए। डेटा ब्रीच की स्थिति में यूजर को नोटिफिकेशन दिया जाना चाहिए।
भारत सरकार उठाएगी ये कदम


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