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| kathua and unnao rap case https://updatusindia.blogspot.in |
पहले हम गत जनवरी में कठुआ में हुई घटना की बात करते हैं। जंगल में पशुओं को चराने गई एक बच्ची को अगवा कर लिया जाता है। इस मामले में दाखिल आरोपपत्र के मुताबिक, बच्ची को अगवा करके एक धार्मिक स्थल के परिसर में रखा गया। आठ साल की इस मासूम के साथ एक बार नहीं कई बार और बार-बार रेप किया गया। दरिंदों का मन इससे भी नहीं भरा तो उन्होंने पहले तो गला दबाकर उसकी हत्या की फिर उसके सिर को पत्थर मार कर कुचल दिया। परेशान करने वाली बात यह है कि इस अपराध में एक पुलिसकर्मी भी शामिल था। मामले को रफा-दफा करने के लिए आरोपियों ने स्थानीय पुलिस को रिश्वत भी दी।
इस भयानक घटना की कल्पना करने से ही रोम-रोम सिहर उठता है। निर्भया जैसी इस वारदात ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। लोग इंसाफ के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। वे न्याय मांग रहे हैं लेकिन कुछ लोग हैं जिन्हें सियासत करनी है, इस घटना पर अपनी राजनीतिक रोटी सेकनी है, वे चुप नहीं हैं, वे भी बोल रहे हैं। वे लोग इस जघन्य मामले को राजनीतिक एवं धार्मिक चश्मे से देख रहे हैं। एक आठ साल की बच्ची के साथ इस तरह का वहशीपन क्या हम आपकी संवेदना को जगाने के लिए काफी नहीं है। क्या हमारा जमीर इतना मर चुका है कि एक बच्ची के साथ गैंगरेप को भी हिंदू-मूसलमान के नजरिए से देखा जाना चाहिए। कल्पना करिए वह एक बच्ची थी, आठ साल की थी। उसका एक बालमन होगा, इन यातनाओं को झेलते समय उस पर क्या गुजर रही होगी। वह क्या सोच रही होगी।
देश में महिलाओं और बच्चियों के प्रति अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है। हालत यह है कि मासूम बच्चियों तक को वासना के भूखे भेड़िए अपना निशाना बना रहे हैं। देश का ऐसा कोई कोना नहीं है जहां से दरिंदगी की खबरें न आती हों। कहीं-कहीं तो महिलाएं एवं बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले इतने वीभत्स और अपराध इतने घिनौने होते हैं कि उसके बारे में सोचने मात्र से ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। ऐसी घटनाओं को बताने के लिए हमारे पास शब्द नहीं होते। हाल ही में दो ऐसी घटनाएं हुई हैं जिन्होंने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। पहली घटना है जम्मू के कठुआ की और दूसरी है यूपी के उन्नाव की। कठुआ में गत जनवरी में आठ साल की एक बच्ची के साथ पहले सामूहिक दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। जबकि उन्नाव में भाजपा के विधायक पर एक नाबालिग लड़की का रेप करने का आरोप है।
नाबालिग लड़की का आरोप है कि गत जून में विधायक ने उसके साथ रेप किया। वह बलात्कार की शिकायत लेकर पुलिस के चौखट तक पहुंची लेकिन पुलिस को उसकी दलील में कोई दम नजर नहीं आया। एक साल घुट-घुट कर जीने को मजबूर वो नाबालिग मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह की नाकाम कोशिश की। तो उसका पिता भारतीय दंड विधान के तहत कई धाराओं में थाने में बंद कर दिया गया जहां उसकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई। शुक्र है कि ये पूरा मामला मीडिया में है जिसका दबाव पुलिस प्रशासन पर है लिहाजा कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है लेकिन वो रसूखदार नेता कुलदीप सिंह सेंगर लखनऊ सचिवालय में हंसकर कहता है कि आरोपों का क्या, वे तो वैसे ही लगते रहते हैं। अब इस पूरे मामले को लेकर यूपी की सियासत गरमा गई है और राजनीति का दौर शुरू हो गया है।
मौत से पहले पीड़िता के पिता की इकबालिया बयान सबके सामने है। पीड़िता अपने साथ हुई ज्यादती को दुनिया के सामने रख चुकी है लेकिन विधायक अभी भी पुलिस गिरफ्तर से बाहर है। इतना सब कुछ होते हुए विधायक की गिरफ्तारी तक नहीं हुई है और अपनी कुटिल मुस्कान से पूरे कानून-व्यवस्था को चिढ़ा रहा है। ऐसा इसलिए कि आरोपी विधायक है, सत्ताधारी पार्टी का विधायक और बाहुबली है। सवाल यह है कि क्या न्याय पाने का अधिकार जो पीड़ित और गरीब हैं, वे खो चुके हैं? क्या जो गरीब हैं उन्हें न्याय नहीं मिलेगा? क्या रेप पीड़िताओं को अपना दर्द समाज के सामने लाने के लिए आत्महत्या जैसे कदमों का सहारा लेना पड़ेगा? सवाल कई हैं, लेकिन इनका समाधान होते नहीं दिख रहा है।
केरल के एक बैंकर ने कठुआ गैंगरेप पीड़िता को लेकर फेसबुक पर की थी विवादित टिप्पणी, बैंक ने उसे नौकरी से निकाल दिया --
ऐसे समय में जब देश में उन्नाव और कठुआ गैगंरेप की घटनाओं को लेकर उबाल है, तब केरल के एक बैंकर ने फेसबुक पर ऐसी टिप्पणी कर दी जिसकी कीमत उसे अपनी नौकरी देकर चुकानी पड़ी। कठुआ गैंगरेप की आठ वर्षीय मृतक पीड़िता को लेकर केरल के कोटक महिंद्रा बैंक में असिसटेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत विष्णु कुमार ने फेसबुक पर अभ्रद टिप्पणी की थी। इस पर बैंक ने तुंरत संज्ञान लिया और विष्णु को नौकरी से निकाल दिया।कोटक महिंद्रा बैंक ने बयान जारी करते हुए कहा कि उसने कठुआ बलात्कार पीड़िता के बारे में सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी करने वाले अपने कर्मचारी विष्णु नंदकुमार को नौकरी से निकाल दिया गया है। बैंक के प्रवक्ता ने बताया कि इस तरह की घटना के बारे में किसी के भी द्वारा चाहे वह बैंक का कर्मचारी ही क्यों न हो, ऐसी टिप्पणी करते देखना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि हमने खराब प्रदर्शन को लेकर नंदकुमार को 11 अप्रैल को नौकरी से निकाल दिया है।
विष्णु नंदुकुमार ने आठ वर्षीय बलात्कार पीड़िता को लेकर फेसबुक पर टिप्पणी करते हुए लिखा था,-- 'अच्छा हुआ वह उसकी इस उम्र में हत्या कर दी गई। वर्ना जब वह बड़ी होती तो भारत पर बम से हमले कर सकती थीं।'
विष्णु की इस टिप्पणी के बाद ट्वीटर पर भी उसे बर्खास्त करने की मांग जोर पकड़ने लगी थी। विवाद को तूल पकड़ता देख विष्णु ने अपना फेसबुक अकाउंट डिलीट कर दिया है।
आपको बता दें कि पूरे देश में कठुआ और उन्नाव में हुए रेप केस को लेकर आक्रोश है। अब इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी अपना दुख जताया है। मोदी ने देश को भरोसा दिलाया है कि दोनों ही मामलों में पूरा न्याय होगा और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मोदी ने दोनों घटनाओं को बर्बरतापूर्ण बताया है और ये भी कहा कि कोई भी सभ्य समाज इस तरह के मामलों को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि दो दिन से जिस तरह के कृत्यों की चर्चा हो रही है, उनसे हमारा देश शर्मसार हुआ है। पीएम मोदी नई दिल्ली में डॉ. अम्बेडकर राष्ट्रीय स्मारक के लोकार्पण के अवसर पर बोल रहे थे।www.updatusindia.blogspot.com











